बुधवार, 10 फ़रवरी 2010

शनि ग्रह के चंद्रमा 'एनकेलाडस' पर जीवन होने की संभावना

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों ने शनि ग्रह के चंद्रमा 'एनकेलाडस' पर जीवन होने की संभावना व्यक्त की है। यह शनि का छठवां सबसे बड़ा चंद्रमा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि एनकेलाडस के धरातल के नीचे पानी की मौजूदगी से जीवन की संभावना प्रबल हो गई है। ब्रिटेन के अखबार 'द डेली टेलीग्राफ' ने यह जानकारी दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार, नासा द्वारा भेजे गए कैसिनी स्पेसक्राफ्ट ने एनकेलाडस की सतह का अध्ययन किया। यान द्वारा एकत्र किए गए सतह नमूनों से कार्बन की मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं। पानी और कार्बन की मौजूदगी से यहां जीवन की संभावनाओं को बल मिलता है।
इस यान ने शनि के चंद्रमा पर बर्फीले ज्वालामुखियों से निकली बर्फ का विश्लेषण किया। जिसमें मौजूद ऋणात्मक आवेश वाले पानी के अणु से उन्हें सतह के नीचे समुद्र होने के संकेत मिले। पृथ्वी पर इस तरह के आयन झरनों और समुद्र की लहरों जैसे पानी के गतिमान स्रोतों पर पैदा होते हैं। कैसिनी द्वारा ली गई नजदीकी तस्वीरों में दिखाया गया है कि एनकेलाडस की बर्फीली सतह पर पृथ्वी के समान पपड़ी फैली है जिसमें समय के साथ बदलाव भी हुआ है।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि एनकेलाडस के दक्षिणी धु्रव के नीचे मौजूद द्रव में भी पानी के अणु हैं।