गुरुवार, 14 जनवरी 2010

अब भूजल से चलेगा एसी


कड़ाके की ठंड हो या फिर झुलसा देने वाली गर्मी, लेकिन ट्यूबवेल का पानी दोनों ही मौसम में आपको बहुत सुहाता है क्योंकि यह पानी गर्मी में ठंडा तो सर्दियों में गर्म होता है। क्या आपने सोचा है कि यह पानी आपके कमरे को सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडा रख सकता है। या यूं कहें कि एयर कंडीशनर के तौर पर भी प्रयोग हो सकता है।



सुनने में यह आइडिया जरा अटपटा लगता है लेकिन इसी से प्रेरणा लेकर हिसार के दो भाइयों ने बना डाला ऐसा ईको फ्रेंडली एयर कंडीशनर जो भूजल के इसी प्रभाव पर आधारित है। ये हैं हिसार की बिश्नोई कालोनी निवासी कर्नल राज विजय रोहलानिया व राजकुमार रोहलानिया।



इसकी कीमत भी सामान्य एसी से आधी है और इससे 60 प्रतिशत तक बिजली की बचत होती है। बाजार में उपलब्ध एसी से हानिकारक कार्बन गैस गैसें निकलती हैं जो ओजोन परत पर दुष्प्रभाव डालती हैं, इसीलिए इसे ग्रीन एसी का नाम दिया है। हालांकि यह अभी बाजार में नहीं मिलेगा, क्योंकि अभी इस तकनीक की पेटेंट प्रक्रिया जारी है।


इस माडल का इन्होंने अपने घर पर ही प्रयोग शुरू कर दिया है, जो सफल रहा है। बाजार में आने के बाद इस एसी का न सिर्फ घर बल्कि कार्यालय, बैंक्वेट हाल, फैक्टरी, फार्म हाउस में भी प्रयोग हो सकेगा। अक्षय ऊर्जा विभाग ने भी रोहलानिया भाइयों के इस प्रोजेक्ट में हर संभव मदद का वादा किया है।


हिसार में विभाग के प्रोजेक्ट अधिकारी हरनाम बिश्नोई ने कहा कि धरती के भीतर ऊर्जा का अथाह भंडार है, पर यहां इस पर अधिक कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग उनके प्रोजेक्ट का अध्ययन करेगा और उनकी हर तरह से मदद को तैयार हैं।






क्या है तकनीक


ग्रीन एसी की खोज करने वाले रोहलानिया ब्रदर्स ने बताया कि चाहे सर्दी हो या गर्मी, जमीन से निकलने वाले पानी का तापमान, संबंधित जगह के न्यूनतम और अधिकतम तापमान का औसत होता है। यह हिसार में जहां 23.9 डिग्री सेल्सियस, अमृतसर में 21 डिग्री सेल्सियस और दिल्ली में 25 डिग्री सेल्सियस है।


वैज्ञानिकों की भाषा में कहें तो यह जीओ थर्मल [पृथ्वी की गर्मी] ऊर्जा है, जिसकी न सिर्फ विश्व के हर क्षेत्र में उपलब्धता है बल्कि इसका अपार भंडार भी है।






ऐसे बनाया एसी


इस तकनीक से करीब डेढ़ टन के एसी को बनाने के लिए रोहलानिया ब्रदर्स ने जमीन के पानी को खींचने के लिए 350 वाट की एक मोटर व कमरे में हवा फेंकने के लिए 250 वाट के पंखे का प्रयोग किया। इसके अलावा इसमें दो हीट रेडिएटर लगाए गए हैं, जिसमें से पानी को निकालकर तापमान को नियंत्रित किया जाता है। इन्हीं रेडियटर से पंखा हवा को खींचकर कमरे को मौसम के अनुकूल गर्म या ठंडा करता है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/national/general/5_1_6102871/