गुरुवार, 26 नवंबर 2009

मीठे नहीं है नुकसानदेह



आधी-अधूरी जानकारी रखना नुकसानदेह हो सकता है। विशेषकर तब जबकि आपको अपने भोजन के बारे में फैसला लेना हो। वस्तुत: मीठे के संदर्भ में लोगों के मध्य कई गलतफहमियां व्याप्त है, जिन्हे दूर करना जरूरी है।




मिथ: वजन घटाने के लिए सभी मीठी खाद्य वस्तुओं से परहेज करना चाहिए!



तथ्य: इस गलत धारणा से अनेक लोग ग्रस्त है। खासकर किशोर-किशोरियां कुछ ज्यादा ही। सच तो यह है कि सामान्यत: वजन तभी बढ़ता है, जब हम विभिन्न खाद्य पदार्थो के जरिए जरूरत से ज्यादा कैलोरीज ग्रहण करते है। जितनी कैलोरीज आपका शरीर जलाता है यानी इस्तेमाल करता है, उससे अधिक कैलोरी ग्रहण करने से आपके वजन के बढ़ने की संभावनाएं बढ़ जाती है। सच तो यह है कि खान-पान की गलत आदतें वजन बढ़ाने में सहायक है, न कि मीठा।



कार्बोहाइड्रेट जैसे अनाज, चीनी व फ्रक्टोज और प्रोटीनयुक्त आहार (दालों और दूध आदि) के प्रत्येक ग्राम में 4 कैलोरीज पायी जाती है। वहीं वसायुक्त आहार के हर एक ग्राम में 9 कैलोरीज उपलब्ध होती हैं। जाहिर है, वसायुक्त आहार में कैलोरीज कहीं ज्यादा पायी जाती है।



बेशक फलों में मीठा(शुगर) होता है किंतु वह शुगर वसा या चर्बी बनकर आपके शरीर में संचित नहीं होती। इसलिए फलों से किनारा करने की जरूरत नहीं। इसके अलावा फलों से आपको फाइबर मिलता है, जो आपके वजन को नियंत्रित करने में सहायक है। इसलिए किसी भी फल को समूचे तौर पर खाएं। जिन फलों के छिलके खाए जा सकते है उन्हे छिलकों समेत खाएं जैसे कि सेब आदि। मीठा खाते समय उसकी मात्रा का ध्यान रखें। इस बात का भी ध्यान रखें कि मीठा किस स्रोत से आपको मिल रहा है। अपने वजन को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित-पोषक आहार ग्रहण करे। इसके अलावा व्यायाम भी जरूर करें।



मिथ: अत्यधिक मीठा खाने से मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है।



तथ्य: इस तरह की धारणा गलत है। वस्तुत: मधुमेह मेटाबॉलिज्म या चयापचय (खाद्य पदार्थो को ऊर्जा व शारीरिक वृद्धि में बदलने की रासायनिक प्रक्रिया) से संबंधित रोग है। यह मर्ज कार्बोहाइड्रेटयुक्त आहार (जिसमें मीठा भी शामिल है) ग्रहण करने से नहीं होता। मधुमेह तब होता है, जब शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता या फिर उत्पादित इंसुलिन का समुचित रूप से प्रयोग नहीं कर पाता। मधुमेह के दोनों प्रकारों-टाइप-1 और टाइप-2 में शरीर ब्लड ग्लूकोज (जिसे आमतौर पर ब्लड शुगर कहा जाता है) को ऊर्जा में नहीं बदल पाता। फिर भी यदि कोई व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित है, तो उसे अपनी खुराक को ठीक प्रकार से संतुलित करना चाहिए और शुगर या चीनी युक्त खाद्य पदार्थो से डॉक्टर के परामर्श के अनुसार ही परहेज करना चाहिए।



मिथ: मीठे से दांत खराब होते है



तथ्य: सच तो यह है कि मीठा खाने से आपके बच्चे या किसी वयस्क व्यक्ति के दांत खराब नहीं होते। इस बात का ख्याल रखें कि मीठा खाने या फिर भोजन ग्रहण करने के बाद दांतों को ब्रश से जरूर साफ करे। दांतों की समुचित देखभाल से दांतों में विकार उत्पन्न नहीं होते।

डॉ. काजल पंडया







सीनियर न्यूट्रीशनिस्ट






सीताराम भारतीय इंस्टीटयूट, नई दिल्ली