गुरुवार, 24 सितंबर 2009

भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती है पटन देवी


भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती है पटन देवी


पटना। नवरात्र के प्रारंभ होते हुए माता दुर्गा के मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगने लगती है। देशभर के सभी शक्तिपीठों में भक्तों का नवरात्र के समय जनसैलाब उमड़ पड़ता है।

पटना के 'पटन देवी' शक्तिपीठ में भी नवरात्र में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते है। मान्यता है कि यहां भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे दिल से यहां आकर मां की अराधना करते है उनकी मनोकामना जरुर पूर्ण होती है।


मंदिर के महंत विजय शंकर गिरी बताते है कि यहां वैदिक और तांत्रिक विधि से पूजा होती है। वैदिक पूजा सार्वजनिक होती है, जबकि तांत्रिक पूजा मात्र आठ-दस मिनट की होती है लेकिन इस मौके पर विधान के अनुसार भगवती का पट बंद रहता है। गिरी बताते है कि यहां सती की दाहिनी जांघ गिरी थी, इस कारण यह शक्ति पीठों में एक है।


गिरी के अनुसार नवरात्र में यहां महानिशा पूजा का सबसे अधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि पटन देवी ग्राम देवी के रूप में यहां पूजित है। मान्यता के मुताबिक मंदिर के पीछे एक बहुत बड़ा गड्ढ़ा है, जिसे 'पटन देवी खंदा' कहा जाता है। मान्यता है कि यहीं से निकालकर देवी की तीन मूर्तियों को मंदिर में स्थापित किया गया था यहां महाकाली, महासरस्वती तथा महालक्ष्मी की प्रतिमाएं स्थापित है।