मंगलवार, 15 सितंबर 2009

अमेरिका, रूस, फ्रांस, कजाकिस्तान और नामीबिया के बाद मंगोलिया के साथ भी हुआ एटमी करार

नई दिल्ली। भारत ने सोमवार को मंगोलिया के साथ एक असैन्य परमाणु करार किया। माना जाता है कि मंगोलिया में यूरेनियम के प्रचुर भंडार हैं। मंगोलिया छठा राष्ट्र बन गया है, जिसके साथ भारत ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की तरफ से छूट मिलने के बाद असैन्य परमाणु करार किया है।

45 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह ने इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ व्यापार करने पर भारत पर लगी 34 वर्ष पुरानी रोक को हटा लिया था।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मंगोलिया के राष्ट्रपति साखियाजीन अलबगदोर्ज के बीच यहां व्यापक बातचीत के बाद परमाणु समझौते और चार अन्य करारों पर दस्तखत किए गए।

भारत ने पहले ही अमेरिका, रूस, फ्रांस, कजाकिस्तान और नामीबिया के साथ असैन्य परमाणु करार किया है। रेडियोएक्टिव खनिजों और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के क्षेत्र में सहयोग पर सहमति से भारत मंगोलिया में यूरेनियम की तलाश कर सकेगा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि दोनों देश खनन और कृषि सरीखे अन्य क्षेत्रों में सहयोग के लिए सहमत हो गए हैं। दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सांख्यिकीय मामले और कर्ज देने के संबंध में भी अन्य करार किए हैं। भारत ने मंगोलिया के लिए स्थायित्व कोष के तौर पर ढाई करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि की भी घोषणा की है।