सोमवार, 7 सितंबर 2009

जहां है ड्रैगन की नजर

जहां है ड्रैगन की नजर

लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर बातचीत के दौरान भारत और चीन ने वर्ष 2002 में नक्शों का आदान प्रदान किया था। पश्चिमी सेक्टर [पूर्वी जम्मू-कश्मीर] स्थित समर लंगपा क्षेत्र को चीन ने विवादास्पद बनाने की कोशिश की। यह क्षेत्र काराकोरम दर्रा और चिपचाप नदी के बीच स्थित है। चीन के नक्शे में लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल को समर लंगपा के दक्षिण दर्शाया गया था। समर लंगपा सीमा का सुदूर उत्तरी हिस्सा है, जो लेह से काफी उत्तर तक जाता है।

चिपचाप नदी के दक्षिण दो 5495 और 5459 फिट की ऊंचाई वाली दो पहाड़ियां हैं। यहां चीन की फौजों का निर्बाध आना-जाना है। यहां तक उन्होंने चोटियों का नामकरण तक कर रखा है मसलन-'प्वाइंट 5459' और 'मानशेन हिल'। दोनों पहाड़ियों के दक्षिण पूर्व में स्थित देपसांग रिज पर भी चीन नजर गड़ाए हुए है।

सिक्किम-तिब्बत और पश्चिम बंगाल सीमा का ट्राईजंक्शन, सुमदोरांग चू, त्वांग के उत्तर येमेन चू और नियामजियांग के बीच असाफी ला के पास दोनों तरफ से सीमा के अधिकांश भागों पर निगरानी रहती है। लेकिन पांच या छह स्थान ऐसे हैं जहां वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति को लेकर मतभेद हैं।

माउंट ग्या: फेयर

प्रिंसेस आफ स्नो

22,420 फिट की ऊंचाई वाले माउंट ग्या को सेना ने 'फेयर प्रिंसेस आफ स्नो' नाम भी दे रखा है। माउंट ग्या एक ऐसा तिमुहाना है, जो जम्मू-कश्मीर के लद्दाख, हिमाचल के लाहुल स्पीति और तिब्बत से लगता है। यह हद अंग्रेजी हुकूमत के दौर से कायम है। भारत और चीन ने भी इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा का दर्ज दे रखा है।

आदत से बाज नहीं आता

30 अगस्त, 09: दो चीनी एमआई हेलीकाप्टरों द्वारा भारतीय वायुसीमा उल्लंघन का मामला सामने आया। दोनों हेलीकाप्टर पांच मिनट तक भारतीय सीमा में रहने के साथ ही कुछ खाद्य सामग्री भी नीचे गिराई।

लाल सेना ने पार की हद

जून 2009- 26 मामले

जुलाई 2009- 21 मामले

अगस्त 2009 26 मामले

2008- 223 मामले

क्यों होती है घुसपैठ

सिक्किम-तिब्बत सीमा को छोड़कर भारत-चीन की पूरी सीमा विवादित है।

-वास्तविक नियंत्रण रेखा [एलएसी]: 4056 किमी।

-अक्साई चीन: भारत का दावा लेकिन चीन के नियंत्रण में।

-अरुणाचल प्रदेश: चीन का दावा लेकिन भारतीय कब्जे में